त्रिपिटक प्रवचन
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तिपिटकपाळि
विनयपिटकं
1. पाराजिकपाळि (BJT 1)
1. वेरञ्जकण्डो

2. पाराजिककण्डो




3. सङ्घादिसेसकण्डो













4. अनियतकण्डो


5. निस्सग्गियकण्डो
1. चीवरवग्गो










2. कोसियवग्गो










3. पत्तवग्गो










2. पाचित्तियपाळि (BJT 2-i,ii)
1. भिक्खुविभङ्गो
1. पाचित्तियकण्डो
1. मुसावादवग्गो










2. भूतगामवग्गो










3. भिक्खुनोवादवग्गो










4. भोजनवग्गो










5. अचेलकवग्गो










6. सुरापानवग्गो










7. सप्पाणकवग्गो










8. सहधम्मिकवग्गो












9. राजवग्गो










2. पाटिदेसनीयकण्डो




3. सेखियकण्डो







4. अधिकरणसमथा

2. भिक्खुनीविभङ्गो
1. पाराजिककण्डो



2. सत्तरसकं










3. निस्सग्गिया












4. पाचित्तियखण्डं









5. पाटिदेसनीया

6. सेखिया

7. अधिकरणसमथा

3. महावग्गपाळि (BJT 3,4)
01. महाक्खन्धकं




































































02. उपोसथक्खन्धकं












































03. वस्सूपनायिकक्खन्धकं











04. पवारणक्खन्धकं
































05. चम्मक्खन्धकं













06. भेसज्जक्खन्धकं



























07. कठिनक्खन्धकं















08. चीवरक्खन्धकं
































09. चम्पेय्यक्खन्धकं





































10. कोसम्बक्खन्धकं










4. चुल्लवग्गपाळि (BJT 5-i,ii)
01. कम्मक्खन्धकं








02. पारिवासिकक्खन्धको






03. समुच्चयक्खन्धकं



































04. समथक्खन्धकं







8. चत्तारि अधिकरणानि










05. खुद्दकवत्थुक्खन्धकं


06. सेनासनक्खन्धकं


07. सङ्घभेदकक्खन्धकं


08. वत्तक्खन्धकं














09. पातिमोक्खट्ठपनक्खन्धकं




10. भिक्खुनीक्खन्धकं



11. पञ्चसतिकक्खन्धकं




12. सत्तसतिकक्खन्धकं


5. परिवारपाळि (BJT 6-i,ii)
01. महाविभङ्गो
01. कत्थपञ्ञत्तिवारो



4. निस्सग्गियकण्डो



5. पाचित्तियकण्डो










7. सेखिया







02. कतापत्तिवारो


3. निस्सग्गिय कण्डो



4. पाचित्तिय कण्डो










6. सेखिया













09. कत्थपञ्ञत्तिवारो


10. कतापत्तिवारो








02. भिक्खुनीविभङ्गो
01. कत्थपञ्ञत्तिवारो



4. पाचित्तिय कण्डो










02. कतापत्तिवारो



4. पाचित्तिय कण्डो
















09. कत्थपञ्ञत्तिवारो


10. कतापत्तिवारो








03. समुट्ठानसीससङ्खेपो















04. अन्तरपेय्यालो






05. समथभेदो
















सुत्तन्तपिटकं
1. दीघनिकायो
1. सीलक्खन्धवग्गो (DN 1, BJT 7)













2. महावग्गो (DN 2, BJT 8)










3. पाथिकवग्गो (DN 3, BJT 9)











2. मज्झिमनिकायेा
1. मूलपण्णासको (MN 1, BJT 10)
1. मूलपरियायवग्गो










2. सीहनादवग्गो










3. ओपम्मवग्गो










4. महायमकवग्गो










5. चूळयमकवग्गो










2. मज्झिमपण्णासको (MN 2, BJT 11)
1. गहपतिवग्गो










2. भिक्खुवग्गो










3. परिब्बाजकवग्गो










4. राजवग्गो










5. ब्राह्मणवग्गो










3. उपरिपण्णासको (MN 3, BJT 12)
1. देवदहवग्गो










2. अनुपदवग्गो










3. सुञ्ञतवग्गो










4. विभङ्गवग्गो












5. सळायतनवग्गो










3. संयुत्तनिकायो
1. सगाथवग्गो (SN 1, BJT 13)
01. देवतासंयुत्तं








02. देवपुत्तसंयुत्तं



03. कोसलसंयुत्तं



04. मारसंयुत्तं



05. भिक्खुनीसंयुत्तं

06. ब्रह्मसंयुत्तं


07. ब्राह्मणसंयुत्तं


08. वङ्गीससंयुत्तं

09. वनसंयुत्तं

10. यक्खसंयुत्तं

11. सक्कसंयुत्तं



2. निदानवग्गो (SN 2, BJT 14)
01. अभिसमयसंयुत्तं










02. धातुसंयुत्तं




03. अनमतग्गसंयुत्तं


04. कस्सपसंयुत्तं

05. लाभसक्कारसंयुत्तं

06. राहुलसंयुत्तं

07. लक्खणसंयुत्तं

08. ओपम्मसंयुत्तं

09. भिक्खुसंयुत्तं

3. खन्धकवग्गो (SN 3, BJT 15)
01. खन्धसंयुत्तं
01. मूलपण्णासको





02. मज्झिमपण्णासको





03. उपरिपण्णासको





02. राधसंयुत्तं




03. दिट्ठिसंयुत्तं




04. ओक्कन्तिसंयुत्तं

05. उप्पादसंयुत्तं

06. किलेससंयुत्तं

07. सारिपुत्तसंयुत्तं

08. नागसंयुत्तं

09. सुपण्णसंयुत्तं

10. गन्धब्बकायसंयुत्तं

11. वलाहकसंयुत्तं

12. वच्छगोत्तसंयुत्तं

13. झानसंयुत्तं

4. सळायतनवग्गो (SN 4, BJT 16)
01. सळायतनसंयुत्तं



















02. वेदनासंयुत्तं



03. मातुगामसंयुत्तं

04. जम्बुखादकसंयुत्तं

05. सामण्डकानिसंयुत्तं

06. मोग्गल्लानसंयुत्तं

07. चित्तसंयुत्तं

08. गामणीसंयुत्तं

09. असङ्खतसंयुत्तं

10. अब्याकतसंयुत्तं

5. महावग्गो (SN 5, 6, BJT 17.1, 17.2)
01. मग्गसंयुत्तं
















02. बोज्झङ्गसंयुत्तं





06. बोज्झङ्गवग्गो


















03. सतिपट्ठानसंयुत्तं










04. इन्द्रियसंयुत्तं

















05. सम्मप्पधानसंयुत्तं





06. बलसंयुत्तं










07. इद्धिपादसंयुत्तं








08. अनुरुद्धसंयुत्तं


09. झानसंयुत्तं





10. आनापानसंयुत्तं


11. सोतापत्तिसंयुत्तं







12. सच्चसंयुत्तं











4. अङ्गुत्तरनिकायो
1. एककनिपातो (AN 1, BJT 18)

2. दुकनिपातो (AN 1, BJT 18)



3. तिकनिपातो (AN 1, BJT 18)



5. खुद्दकनिकायो
01. खुद्दकपाठपाळि (BJT 24)

02. धम्मपदपाळि (BJT 24)

03. उदानपाळि (BJT 24)








04. इतिवुत्तकपाळि (BJT 24)
1. एककनिपातो



2. दुकनिपातो


3. तिकनिपातो





4. चतुक्कनिपातो

05. सुत्तनिपातो (BJT 25)
1. उरगवग्गो












2. चुल्लवग्गो














3. महावग्गो












4. अट्ठकवग्गो
















5. पारायनवग्गो




















06. विमानवत्थुपाळि (BJT 26)
1. इत्थिविमानं
1. पीठवग्गो

















2. चित्तलतावग्गो











3. पारिच्छत्तकवग्गो










4. मञ्जेट्ठकवग्गो












2. पुरिसविमानं
5. महारथवग्गो














6. पायासिवग्गो










7. सुनिक्खित्तवग्गो











07. पेतवत्थुपाळि (BJT 27)
1. उरगवग्गो












2. उब्बरीवग्गो













3. चूळवग्गो










4. महावग्गो
















13. पटिसम्भिदामग्गो (BJT 35.1, 35.2)
1. महावग्गो
1. ञाणकथा












2. युगनद्धवग्गो










3. पञ्ञावग्गो




अभिधम्मपिटकं
1. धम्मसङ्गनिप्पकरणं (BJT 41)
1. मातिका

2. चित्तुप्पादकण्डं









3. रूपकण्डं


4. निक्खेपकण्डं

5. अट्ठकथाकण्डं

2. विभङ्गप्पकरणं (BJT 42, 43)


















3. धातुकथाप्पकरणं (BJT 47)











4. कथावत्थुप्पकरणं (BJT 44, 45, 46)
5. पुग्गलपञ्ञत्तिप्पकरणं (BJT 47)
01. उद्देसवारो (=मातिका)


02. निद्देसवारो





6. यमकप्पकरणंयमकप्पकरणं (BJT 48, 49i, 49ii)
01. मूलयमकं (BJT 48)

02. खन्धयमकं
03. आयतनयमकं
04. धातुयमकं
05. सच्चयमकं
06. सङ्खारयमकं (BJT 49.i)
07. अनुसययमकं
08. चित्तयमकं
09. धम्मयमकं
10. इन्द्रिययमकं (BJT 49.ii)
7. पट्ठानप्पकरणं (BJT 50, 51, 52)
गन्थानि
1. पिटकगन्थानि






07. सुत्तनिपातो








2. अतिरेकगन्थानि




3. पुणवत्तितगन्थानि
1. विनयपिटकं





2. सुत्तन्तपिटकं
1. दीघनिकायो

2. मज्झिमनिकायो

3. संयुत्तनिकायो








4. अङ्गुत्तरनिकायो




5. खुद्दकनिकायो




05. सुत्तनिपातो









3. अभिधम्मपिटकं





4. अतिरेकगन्थानि




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